🎧 नेहरू की आत्मकथा के अध्याय 63 और 64
📘 63: परिवर्तन या जबरदस्ती (Conversion or Compulsion)
गांधीजी के अहिंसा सिद्धांत की नेहरू गहराई से समीक्षा करते हैं।
क्या सिर्फ नैतिकता से सत्ता झुकेगी? या कभी-कभी परिवर्तन के लिए दबाव भी जरूरी होता है?
नेहरू कहते हैं—केवल आदर्शों से न्याय नहीं मिलता, कभी-कभी संघर्ष भी जरूरी होता है।
📘 64: एक बार फिर देहरादून जेल (Dehra Gaol Again)
नेहरू को देहरादून जेल भेजा जाता है—जहाँ वे अकेलेपन, बीमारी और राजनीतिक हताशा से जूझते हैं।
कांग्रेस के समझौतों और अंग्रेज़ी दमन से निराश, नेहरू एक नया रास्ता चुनते हैं—लेखन।
यहीं से शुरू होती है यह आत्मकथा।
🎧 सुनिए, कैसे जेल की कोठरी बनती है चिंतन और प्रतिरोध की जगह।
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