बुधवार, 29 जनवरी 2014

राहुल बाबा का इंटरव्यू

कल हमारे पोते ने टीवी पर राहुल बाबा का इंटरव्यू लगाया था. इंटरव्य़ू लेनेवाला वही बंगाली था, जो रोज टीवी पर जोर जोर से चीखता चिल्लाता है. टाई-शाई लगाकर बड़ा अंग्रेज बनकर आया था. मुआ खूसट पूरे टाइम चश्मे के पीछे से बड़ी बड़ी आँखों से घूर घूर कर बच्चे को डरा रहा था. वो तो राहुल बाबा की शालीनता और बड़प्पन था कि सहजता से बतियाते रहे. कैसी सुन्दर गिटर-पिटर अंग्रेजी बोलते हैं राहुल बाबा. कानों में जैसे अमृत घोल रहे हों. भगवान उन्हें सदा सुखी रखे.

सफ़ेद-झक्क कुरता-पजामा और काला वास्कट पहने बाबा बिलकुल राजकुमार लग रहे थे. गोरा चिट्टा रंग, सुनहरे बाल, गालों पे गड्डे, आँखों से टपकता भोलापन. हम तो पूरे टाइम उनका उजला मुखड़ा निहारते रहे. बहू से कहकर टीवी पर नज़र का टीका लगवाया, अगरबत्ती जलवाई, और फिर राहुल जी की आरती भी उतरवाई. भगवान उन्हें लम्बी उमर दे.

पहले नेहरू जी हमारे माई-बाप थे, फिर इंदिरा जी हमारी माई-बाप थी, फिर राजीव जी और सोनिया जी हमारे माई-बाप थे, अब तो राहुल बाबा हमारे माई-बाप-सरकार हैं. भगवान उन्हें सलामत रखे.

राहुल बाबा को कभी भी आजकल के छोरे-छपाटों की तरह बेहूदे कपड़े पहने और बेहूदी हरकतें करते नहीं देखा. अपनी माँ का कितना आदर सम्मान करता है. बहन को कितना प्यार करता है. भगवान उसे सुन्दर सी दुल्हन दे. और कुछ नहीं तो सोनियाजी के पैर दबायेगी. कितना संस्कारी लड़का है. आलोकनाथ का वश चले तो इसका भी कन्यादान कर दे.

एक हमारे बेटे-पोते हैं जो हमें कुछ समझते ही नहीं. इंटरव्यू ख़तम होने पर पोता बोला, "अम्मा, तुझे कुछ समझ आया?"

"अरे, क्यों समझ नहीं आएगा? अंग्रेजी नहीं आती तो क्या हुआ? नेहरूजी और इंदिराजी के ज़माने से भाषण सुनते आ रहे हैं. यही कहा होगा कि गरीबी हटाएंगे, महंगाई घटाएंगे, भ्रष्टाचार मिटायेंगे. अब जा पढ़ ले. तू कोई राजघराने में पैदा नहीं हुआ है कि बाप-दादा की धन-संपत्ति या राजगद्दी मिल जायेगी."

गुरुवार, 4 अप्रैल 2013

बेटा, लाईफ जैकेट पहनो: एक नन्हे बालक की कहानी

(English version: Beta, Lifejacket Pehno: The Story Of A Little Boy)

नन्हा बालक 
एक बहुत ही सुन्दर और प्यारा सा लड़का था. उसके घुंघराले बाल, गोरे गोरे गाल, और गालों पर पड़ने वाले गड्डे मन को मोह लेते थे. उसकी उतनी ही प्यारी सी एक बहन भी थी. उनकी माँ एक सुदूर प्रदेश से थी, जहाँ स्त्रियों को समाज में पुरुषों के ही समान स्वतंत्रता एवं अधिकार प्राप्त थे. माँ ने अपनी मर्जी से एक महाताल के तैराकी शासक परिवार के राजकुमार से विवाह किया था. विवाह के पश्चात् उसे अपने ससुराल की परंपरा और रीति रिवाज़ के अनुसार रहना पड़ा, परन्तु उसने कभी शिकायत नहीं की क्योंकि वह अपने पति से बेहद प्यार करती थी और उनके पति भी उनका उतना ही आदर करते थे.

शुक्रवार, 25 मई 2012

मार्क ज़करबर्ग को बधाई सन्देश

मार्क ज़करबर्ग और उसकी घरवाली
मार्क भाई, अखबार में तेरी फोटो देखी, बड़ी ख़ुशी हुई कि तेरा ब्याह हो गया, पर यार, ये चिंकी क्या पसंद आई तुझे? गोरी मेमों की कमी हो गयी थी क्या तेरे गाँव में? हमारे हरियाणा में भी यही हाल है - लडकियां ना मिलें शादी के लिए. अब तेरी शादी हो ही गयी है तो मैंने सोचा कि बधाई के साथ, लगे हाथों, तुझे सुखी जीवन के लिए नुस्खे भी बता दूं .

बुधवार, 28 दिसंबर 2011

साक्षात्कार (Interview)


इस ब्लॉग में प्रकाशित करने हेतु,
कुछ रोचक, मनोरंजक बात की तलाश में,
अपनी अद्भुत शक्ति का प्रयोग कर,
मैं मिलने गयी आकाश में विचरती आत्माओं से.

सोचा कि महान स्त्रियों से करूंगी मुलाकात,
और पहुंचाऊंगी आप तक, बिना लाग-लपेट,
झाँसी की रानी, इंदिरा गाँधी, महादेवी वर्मा,
अमृता प्रीतम या सरोजिनी नायडू के विचार.

शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

माता-पुत्र संवाद


चित्र courtesy Tamil Archives












माँ मुझको मत झोंक यू.पी. के
दुर्गम, विकट झमेले में,
मैं निष्कपट, निश्छल शशक,
वहां चील, गिद्ध, बिलाव हैं.

धूल-धक्कड़, धूप, पसीना,
अरु मधुकर सम हैं पत्रकार,
ये कोमल तन व ह्रदय लिए,
किस विधि झेलूं निष्ठुर प्रहार.

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