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बुधवार, 28 दिसंबर 2011

साक्षात्कार (Interview)


इस ब्लॉग में प्रकाशित करने हेतु,
कुछ रोचक, मनोरंजक बात की तलाश में,
अपनी अद्भुत शक्ति का प्रयोग कर,
मैं मिलने गयी आकाश में विचरती आत्माओं से.

सोचा कि महान स्त्रियों से करूंगी मुलाकात,
और पहुंचाऊंगी आप तक, बिना लाग-लपेट,
झाँसी की रानी, इंदिरा गाँधी, महादेवी वर्मा,
अमृता प्रीतम या सरोजिनी नायडू के विचार.

मंगलवार, 3 मई 2011

लगता नहीं है जी मेरा एबटाबाद में

बिन लादेन का आखिरी पड़ाव (CNN के सौजन्य से)
लगता नहीं है जी मेरा एबटाबाद में,
किसकी बनी है आलम-ए-नापायेदार में,
कह दो जेहादियों से अमरीकियों से ना डरें,
इतनी जगह कहाँ है जेल-ए-ग्वातेनामो में.

उम्र-ए-दराज़ मांग कर लाये थे चार दिन,
दो जेहाद-अफजाई में कट गए दो सर बचाने में.
कितना है बदनसीब "बिन लादेन" दफन के लिए,
दो गज ज़मीन भी ना मिली कू-ए-यार में.

(बहादुर शाह ज़फर से क्षमा याचना सहित)
Read the original couplets here 

रविवार, 27 मार्च 2011

करुणानिधि जी की आरती

English Version
यह आरती प्रतिदिन प्रातः काल ब्रह्ममुहूर्त में या फिर सायंकाल सूर्यास्त के पश्चात् गायी जानी चाहिए. ऐसा करने से घर के पुरुषों को करुणानिधि जी की भांति करोड़ों की संपत्ति और साथ ही अनेक पत्नियों का सुख प्राप्त होता है. करुणानिधि जी कलाईनार, अर्थात कला के विद्वान के नाम से भी जाने जाते हैं. संभवतः यह पैसे कमाने की कला से सम्बंधित है. 

गुरुवार, 10 मार्च 2011

पागल लड़की का प्रेमगीत


सिल्विया प्लेथ  (1932-1963)
सिल्विया प्लेथ द्वारा लिखी कविता, "मैड गर्ल्स लव सॉन्ग" का हिंदी अनुवाद:

रविवार, 20 फ़रवरी 2011

या अल्लाह, या अल्लाह, जीनी मिल गयी!

(मेरे पतिदेव की आपबीती)

फ़रवरी का मौसम, मस्त महीना,
जुहू चौपाटी पे चला जा रहा था,
एक पुरानी सी बोतल पांव से टकराई,
उठा के देखा, ढक्कन जो खोला, 
एक दिलकश सी जीनी निकल के आई,
या अल्लाह, या अल्लाह, जीनी मिल गई.
या अल्लाह, या अल्लाह, जीनी मिल गई.


मैं घबराया, कुछ शरमाया,
जीनी से पूछा मुझे क्या क्या मिलेगा,
जीनी बोली, "हुक्म करो मेरे आका,
मंहगाई और मंदी का है ज़माना,
सिर्फ एक ही तमन्ना पूरी कर सकूंगी."
या अल्लाह, या अल्लाह, जीनी मिल गई.



शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2011

धर्मेन्द्र जी के दिल से निकली चंद कवितायेँ

फिल्म 'यमला पगला दीवाना' में धर्मेन्द्र जी ने एक गाना लिखा है. इस फिल्म के प्रचार के दौरान, हमारे रोमांटिक-एक्शन हीरो ने बताया कि वे कवितायेँ भी लिखते हैं और निकट भविष्य में अपना कविता संकलन प्रकाशित करेंगे. जब तक असली कवितायेँ छप कर ना आ जाएँ, तब तक आप इन नकली कविताओं से काम चलाइए:



#1
मैं जट यमला पगला दीवाना,
हो रब्बा, इतनी सी बात ना जाना,
कि राजनीति मेरे बस की बात नहीं है.
चुनाव जीतना तो बाएं हाथ का खेल था,
हो रब्बा, संसद में बैठ ना पाया,
कि अभिनेता से नेता बनना आसान नहीं है.




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