शुक्रवार, 23 अगस्त 2024

पिता के पत्र | एपिसोड 4 | जानदार चीजें कैसे पैदा हुई | The First Living Things

 


"जब हम चट्टानों को ग़ोर से देखते हैंऔर बहुत सी पुरानी हड्डियों को जमा करने पर पता चलता है कि मिन्न-मिन्न समय में भिन्न-भिन्न प्रकार के जानवर रहते थे। सब के सब एक बारगी कहीं से कूद कर नहीं आ गए | सबसे पहले छिलकेदार जानवर पेदा हुए जैसे घोंघे | उसके बाद ज़्यादा ऊँचे दरजे के जानवर पैदा हुए, जिनमें साँप ओर हाथी जैसे बड़े जानवर थे, और वह चिड़ियाँ और जानवर भी, जो आज तक मौजूद हैं।सबके पीछे आदमियों की हड्डियाँ मिलती हैं."

गुरुवार, 22 अगस्त 2024

पिता के पत्र | एपिसोड 3 | ज़मीन कैसे बनी | The Making of the Earth

"वे लोग वे लोग जो कि सितारों के बारे में बहुत सी बातें जानते हैं हमें वतलाते हैं कि बहुत दिन पहिले हमारी ज़मीन ओर सारे ग्रह सूर्य ही में मिले हुए थे.... सूरज की गर्मी भी दिन-दिन कम होती जा रही है लेकिन उसे बिलकुल ठंडे हो जाने में लाखों बरस लगेंगे । ज़मीन के ठंडे होने में बहुत थोड़े दिन लगे।"




पिता के पत्र | एपिसोड 2 | शुरू का इतिहास कैसे लिखा गया | How Early History was Written

इस पत्र में नेहरु जी बताते हैं की शुरू का इतिहास कैसे लिखा गया. वे लिखते हैं, "जिस जमाने मेंशहर और मुल्क बने, उसकी कहानी जानने के लिए पुरानी किताबें कभी कभी मिल जाती हैं. लेकिन ऐसी किताबें बहुत नहीं हैं. हाँ दूसरी चीजों से हमें मदद मिलती है. पुराने ज़माने के राजे-महाराजे अपने समय का हाल पत्थर के टुकड़ों और खम्बों पर लिखवा दिया करते थे."




मंगलवार, 13 अगस्त 2024

पिता के पत्र | एपिसोड 1 | संसार पुस्तक है The Book of Nature

“पिता के पत्र पुत्री के नाम” में प्रकाशित पत्र जवाहरलाल नेहरू ने जेल से अपनी बेटी इंदिरा को लिखे थे. हिन्दी के अग्रणी साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद ने इनका हिंदी अनुवाद किया था.

इन पत्रों में आप सुनेंगे इस दुनिया के और अपने देश भारत के प्रागैतिहासिक काल यानि prehistoric era और आरम्भिक इतिहास की कहानी. इनमें कही बातें, छोटे-बड़े सभी लोगों का ज्ञानवर्धन करती हैं और वैश्विक एकत्व और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देती हैं.

नेहरूजी उम्मीद करते हैं कि "जो लोग इन पत्रों को पढ़ेंगे, वे धीरे-धीरे हमारी इस दुनिया को अनेक देशों का एक बड़ा परिवार समझना शुरू कर देंगे।" आज के इस पत्र का शीर्षक है: “संसार पुस्तक है”



मंगलवार, 6 अगस्त 2024

नेहरू, अंबेडकर, और हिन्दू कोड बिल


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और अन्य हिन्दू रूढ़िवादियों ने भरपूर प्रयास किया कि दलित व महिलाओं को निम्नश्रेणी के नागरिक ही रहने दिया जाये। कानून मंत्री अंबेडकर का मानना था कि भारत के आधुनिकीकरण के लिए personal laws में सुधार अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस बिल के जरिये नेहरू ने एक न्यायपूर्ण और धर्मनिरपेक्ष राज्य की स्थापना करने का प्रयास किया। 


वीडियो में बताई जानकारी को विस्तार से जानिए रामचंद्र गुहा की किताब "India After Gandhi" से :

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