शुक्रवार, 18 नवंबर 2011

माता-पुत्र संवाद


चित्र courtesy Tamil Archives












माँ मुझको मत झोंक यू.पी. के
दुर्गम, विकट झमेले में,
मैं निष्कपट, निश्छल शशक,
वहां चील, गिद्ध, बिलाव हैं.

धूल-धक्कड़, धूप, पसीना,
अरु मधुकर सम हैं पत्रकार,
ये कोमल तन व ह्रदय लिए,
किस विधि झेलूं निष्ठुर प्रहार.

पुत्र, तुझे सौं बोफोर्स की
रण-भूमि पर शौर्य दिखाना होगा, 
रूप-लावण्य व वाक्पटुता से,
अपढ़ प्रजा को लुभाना होगा!

संग तेरे हैं सब दिग्गज गण,
लिए तीर, तलवार, मशीनगन
पराजय का दोष उन्हीं पर,
विजय हुई तो सेहरा तेरे सर.

सच माँ, क्या मेरे सर बंधेगा सेहरा?
तुझे पुत्रवधू का सौभाग्य मिलेगा?
ले बजा दिया अब युद्ध का डंका,
चंहु दिश लहरा दूंगा विजय का झंडा!


(शब्दावली: शशक=खरगोश; मधुकर=मधुमक्खी; सौं=सौगंध)

28 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अच्छी रचना है, समसामयिक है,तीखा व्योंग भी है. शब्दों का संयोजन अति सुन्दर है. हिन्दी में इसी तरह लिखा करो. तुम्हारी मम्मी ने भी रचना को सराहा है.

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  2. एक महाकाव्य की झलक है | इस प्रबल चक्र को गति पकड़ने दें |

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  3. धन्यवाद पिताजी! अपने तो अच्छे नंबरों से पास कर दिया :-)

    @उमाशंकर: What a rejoinder! lol :D

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  4. wow i loved it so much. mujhe veer ras ki kavitaye bahut achhi lagti hai

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  5. धूल-धक्कड़, धूप, पसीना,
    अरु मधुकर सम हैं पत्रकार,
    ये कोमल तन व ह्रदय लिए,
    किस विधि झेलूं निष्ठुर प्रहार.

    करारा.सबको लपेट लिया..

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  6. बहुत अच्छा , क्या बात है. पूरा sixer !!. अन्ना हजारे के आन्दोलन, अगस्त में 'रामलीला' मैदान दिल्ली में भी गया था. एक महिला कंधे पर बच्चा, बच्चे के हाथ में तख्ती, तख्ती में लिखा था ---
    राहुल - मम्मी मेरी शादी कब होगी .
    सोनिया - बेटा, जब तुम बड़े हो जावोगे .

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  7. @केवल भाईसाहिब: हम हिन्दुस्तानी लोग दूसरों की शादी की चिंता करना अपनी जिम्मेदारी समझते है :D

    @मीता: thanks a lot :-)

    @राजेश: धन्यवाद!!

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  8. kabhi kissi ma ne
    dekhi apni santaan mein kami...
    Bura kiya toh Paraaye ka dosh
    Bhala kiya toh jagat Kalyani

    Keen Observation Giribala...loved the aah-so-cutting satire :)

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  9. @Unspoken: thanks :D

    @अरुण साथी : मैं तो भूल ही गयी थी पत्रकार लोग भी मेरा ब्लॉग पढते है :O

    @Sangeeta: Thanks!!!

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  10. गिरिबाला, मुझे तो यही लगा था की अंग्रेजी भाषा में तुम लिखती हो तो हम मोहित हो जाते हैं, लेकिन यहाँ आकर देखा की हिंदी में तो हम सबकी बोलती बंद कर दी अपने इस सटीक व्यंग्य से. वाह , तुम्हारे शब्दों में जादू है
    really admire your flow in both languages.keep writing!

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  11. धन्यवाद अर्कजेश!! Long time no post?

    @साधना: Thanks a lot for the nice words :-)

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  12. Great twist at the end. That reminds me do they still twist in wedding parades?

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  13. सच माँ, क्या मेरे सर बंधेगा सेहरा?
    तुझे पुत्रवधू का सौभाग्य मिलेगा?
    ले बजा दिया अब युद्ध का डंका,
    चंहु दिश लहरा दूंगा विजय का झंडा!

    गिरिबाला जी बहुत अच्छा और कमाल का लिखतीं हैं आप.
    देखतें हैं माता श्री को कब पुत्रवधू का सौभाग्य मिलता है.

    सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार जी.
    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है.

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  14. प्रारम्भ में यह कविता सिर्फ एक 'ब्यग्य' लग रही थी , थोड़ा नजरिया बदल के देखा - महसूस हुआ - हर दृष्टी से यह कविता, 'अति उत्तमता' लिए हुए है.

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  15. @Lalit: Of course twist is still popular! Haven't you heard the song "Twist" from movie Love Aaj Kal?

    @Rakesh Kumar: पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!

    @केवल भाईसाहिब: Thanks for the appreciation!!

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  16. बहुत सुन्दर और भावपूर्ण रचना, बधाई.

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  17. बहुत अच्छी व्यंग्य रचना!

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  18. Pratibhavan putra desh kii bagdor sambhalne ko vivash hai.
    bahut achhaa padne ko mila ..light and real !
    seema

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  19. मोनिका जी, शुक्ला जी, राहुल जी, और सीमा, आप सबको बहुत बहुत शुक्रिया :-)

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  20. @पुष्पेन्द्र वीर साहिल: Thanks for reading :-)

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  21. वाह, बहुत बढ़िया.
    घुघूतीबासूती

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    उत्तर
    1. पढ़ने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद!

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